जीवन शैली

इस वजह से सेक्स के बाद पुरुषों को आती है नींद

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सेक्स और नींद के बीच है संबंध
अगर अगली बार सेक्स सेशन के बाद आपका पार्टनर आफ्टरप्ले सेशन में आपके साथ इंगेज होने की बजाए तुरंत सो जाए तो आपको अपमानित महसूस होने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। पुरुषों के इस व्यवहार के पीछे कई वजहें हैं और इस बात का आपके रिश्ते से, पार्टनर आपको कितना प्यार करता है इस बात से या फिर बिस्तर में उनकी परफॉर्मेंस कैसी है इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है…

तो आखिर क्यों तुरंत सो जाते हैं पुरुष?
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जैसे ही कोई पुरुष ऑर्गैज्म हासिल करता है उसके शरीर की बॉडी केमिस्ट्री बदल जाती है। जब पुरुषों के शरीर से प्रोलैक्टिन नाम का बायोकेमिकल रिलीज होता है तो उनका शरीर थक जाता है और इसलिए इंटिमेट सेक्स सेशन के बाद तुरंत पुरुषों को नींद आ जाती है।

क्या महिलाएं भी सो जाती हैं?
सेक्स के बाद तुरंत नींद आने की घटना महिलाओं के साथ आमतौर पर नहीं होती, भले ही वे ऑर्गैज्म क्यों न हासिल कर लें। महिलाएं सेक्स के बाद भी उत्तेजना महसूस करती हैं और उन्हें अच्छा लगता है कि अगर उनका पार्टनर सेक्स के बाद उन्हें गले लगाए, प्यार करे, बात करें…

महिलाओं में मसल्स होते हैं कम
सेक्स के बाद पुरुषों को नींद आ जाती है लेकिन महिलाओं को नहीं आती इसका एक और कारण यह है कि सेक्स और क्लाइमैक्स के बाद मांसपेशियों में एनर्जी-प्रोड्यूसिंग ग्लाइकोजन निकलना कम हो जाता है। चूंकि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में मसल मास कम होता है इसलिए उन्हें सेक्स के बाद आलस्य और निष्क्रियता कम महसूस होती है।

फील-गुड हॉर्मोन
सेक्स के बाद शरीर से ऑक्सिटॉक्सिन नाम का हॉर्मोन रिलीज होने लगता है जिससे हमारा शरीर रिलैक्स्ड महसूस करने लगता है। इस हॉर्मोन की मदद से स्ट्रेस से भरे सारे विचार और चिंताएं समाप्त हो जाती हैं और नींद आसानी से आने लगती है। ऐसा पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ होता है लेकिन महिलाओं की सेक्स के बाद भी उत्तेजित रहने की प्रवृत्ति उन्हें काफी देर तक ऐक्टिव रखती है।

ट्राइफेक्टा इफेक्ट
इस बात की संभावना भी अधिक है कि लाइट्स बंद करके सेक्स करने की वजह से आप और ज्यादा रिलैक्स्ड और स्ट्रेस-फ्री फील करते हैं। अंधेरा आपके शरीर को सिग्नल देता है कि अब समय सोने का है और मेलाटॉनिन नाम का हॉर्मोन नींद की प्रक्रिया को शुरू कर देता है। शरीर में मौजूद प्रोलैक्टिन, ऑक्सिटॉक्सिन और मेलाटोनिन इन तीनों हॉर्मोन्स के ट्राइफेक्टा के असर की वजह से शरीर तुरंत नींद की गिरफ्त में चला जाता है।